चुनाव एक लोकतांत्रिक देश के प्रतीक भी होते हैं। चुनाव प्रक्रिया किसी लोकतांत्रिक देश के स्तम्भ के रूप में कार्य करती है और देश की प्रगति में सहायक होती है। एक लोकतांत्रिक देश में जनता को प्राप्त अधिकारों में से सरकार चुनने का भी अधिकार शामिल होता है। चुनाव किसी देश की आम जनता को लोकतंत्र के विकास में भागीदार बनने के लिए एक मंच प्रदान करता है। चुनाव और लोकतंत्र एक दूसरे से काफी हद तक संबंधित होते हैं।
[googleaddsfull status=”1″]
आइए चुनाव और लोकतंत्र पर 10 वाक्यों के इस लेख के माध्यम से हम चुनाव और लोकतंत्र के मध्य संबंध को समझते हैं।
1) लोकतंत्र वह प्रणाली है जहां जनता एक सार्वजनिक चुनाव के माध्यम से अपना प्रतिनिधि चुनती है।
2) एक लोकतांत्रिक देश में सत्ता की सर्वोच्च शक्ति उस देश के नागरिकों में निहित होती है।
3) एक लोकतांत्रिक देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए चुनावों में नागरिकों की साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है।
4) समय-समय पर होने वाले चुनाव एक तरह से लोकतंत्र की रक्षा करते हैं और तानाशाही को रोकने का भी कार्य करते हैं।
5) किसी राष्ट्र में लोकतंत्र के विकास के लिए वहां होने वाले चुनावों का निष्पक्ष होना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
6) लगभग 17वीं शताब्दी से चुनाव, लोकतंत्र का हिस्सा बनकर इसके विकास में सहायक रहे हैं।
7) सभी लोकतांत्रिक देशों में होने वाली निर्वाचन प्रक्रिया लगभग एक समान ही होती है।
8) प्रत्येक लोकतांत्रिक देश का अपना संविधान होता है और चुनी गई सरकार इस संविधान के अनुसार कार्य करती है।
9) किसी देश में होने वाले चुनाव जिसमें जनता भाग लेती है, उस देश की लोकतांत्रिकता की पहचान है।
10) चुनाव और लोकतंत्र एक दूसरे के संपूरक होते हैं अत: किसी एक के बिना दूसरे की कामना नहीं की जा सकती है।
1) चुनाव वह महत्वपूर्ण माध्यम है जो किसी लोकतांत्रिक देश की सरकार गठन में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करता है।
2) सार्वजनिक मतदान में लोग अपने पसंदीदा उम्मीदवार को मत देने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र होते हैं।
[googleadds status=”1″]
3) एक लोकतांत्रिक देश का प्रत्येक व्यक्ति किसी चुनाव की सभी अहर्ताओं को पास करने पर चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र होता है।
4) लोकतंत्र की मुख्य खासियत यह है कि चुने गए प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।
5) लोकतांत्रिक चुनाव के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधि को सत्ता से हटाने की शक्ति भी जनता के पास रहती है।
6) सन् 1947 में भारत के लोकतांत्रिक देश बनने के बाद से यहां सार्वजनिक चुनावी प्रक्रिया चल रही है।
7) लोकतांत्रिक देश भारत का हर व्यक्ति जो 18 वर्ष की आयु से अधिक हो चुनाव में मतदान कर सकता है।
8) भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में चुनावी प्रक्रिया संभालने के लिए एक निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था का गठन किया गया है।
9) एक सफल लोकतंत्र की स्थापना में स्वस्थ चुनावी प्रक्रिया, कुशल राजनीतिक व्यवस्था और परिपक्व जनता मुख्य सहायक होते हैं।
10) राजतंत्र या तानाशाही में जनता द्वारा आँख बंद करके आदेशों का पालन करने के बजाय लोकतंत्र में प्रतिनिधि स्वयं जनता से बात करके उनसे वोट मांगते हैं।
लोकतंत्र वह माध्यम है जो लोगों को वह शक्ति प्रदान करता है कि लोग अपने लिए एक उचित प्रतिनिधि और सरकार चुन सकें। किसी देश के पूर्ण विकास के लिए लोकतंत्र और चुनाव दोनों ही आवश्यक है और इन दोनो में से किसी एक की गैर हाजरी में अराजकता फैलता है।