हमारे देश में अक्सर कहा जाता है कि एकता में शक्ति है। एकता से ही हम अपना और अपने देश का विकास कर सकते हैं। इसी एकता की मिसाल कहे जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिवस को मनाने के तरीके में बदलाव करके हमने इस अवसर को राष्ट्रीय एकता दिवस का रूप दे दिया है। उनके अखंड भारत की सोच ने ही आज इतने बड़े भारतवर्ष को बांधे रखा है।
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आज हम इन 10 वाक्यों के सेट से सरदार पटेल जी के जयंती के रूप में मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ या ‘राष्ट्रीय अखंडता दिवस’ के बारे में जानेंगे।
1) भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस का दिन एक वार्षिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
2) प्रतिवर्ष अक्टूबर महीने की 31 तारीख के दिन राष्ट्रीय एकता दिवस का पर्व मनाया जाता है।
3) इस दिन को देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
4) भारत में सरदार पटेल के जन्मदिवस को एकता दिवस के रूप में सन् 2014 से मनाया जा रहा है।
5) देश के लोगों में बिना किसी भेदभाव के एकता और सद्भावना का प्रसार करने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है।
6) दिल्ली के संसद मार्ग, पटेल चौक पर स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर कई राजनीतिक दलों के लोग उन्हे श्रद्धांजलि देते हैं।
7) शैक्षणिक संस्थानों में इस दिन निबंध, नाटक आदि कई कार्यक्रमों का आयोजन करके सरदार पटेल को याद किया जाता है।
8) 2014 से प्रतिवर्ष भारत के कई राज्यों में मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाता है जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं।
9) इस दिन भारत सरकार द्वारा सरकारी संस्थाओं में शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
10) सरदार पटेल एक सफल राजनीतिज्ञ, वक्ता, देशप्रेमी, समाजसेवी और प्रेरक व्यक्तित्व के महान व्यक्ति थे।
1) राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत 2014 में दिल्ली से ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के माध्यम से किया गया।
2) लोग इस दिन सरदार पटेल की प्रतिमाओं के पास इकठ्ठा होकर उन्हे फूल-माला अर्पित करके श्रद्धांजलि देते हैं।
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3) यह दिन देश के प्रति उनके योगदानों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
4) देशभर में इस दिन निजी व सरकारी संस्थानों में कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
5) सरदार पटेल अखंड भारत की संकल्पना रखते थे और सभी धर्म के लोगों की एकता में विश्वास रखते थे, अत: इस दिन को एकता दिवस कहा जाने लगा।
6) आजादी के बाद खंडो में बटे रियासतों को एक करके अखंड भारत की नींव रखने वाले सरदार पटेल को एकता का आदर्श माना जाता है।
7) यह दिन युवाओं को पटेल जी के आदर्शों व उनके बताए एकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
8) देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले सरदार पटेल का स्वतंत्रता सेनानियों में मुख्य स्थान रहा है।
9) राष्ट्रीय एकता दिवस देश के प्रगति के लिए, हम सभी देशवासियों को एक साथ मिलकर कार्य करने का संदेश देता है।
10) देश के लिए उनके अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में 2018 में गुजरात के केवडिया में उनकी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाई गई है।
पहले देश की आजादी के लिए संघर्ष और फिर देश की एकता तथा विकास के लिए कार्यरत रहने वाले सरदार पटेल की जयंती के कार्यक्रम हम सभी को उनकी याद दिलाते है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों में सभी को शामिल करना लोगों में एकता की भावना जागृत करने का एक सराहनीय कदम है।
सम्बंधित जानकारी:
सरदार वल्लभ भाई पटेल पर 10 वाक्य
राष्ट्रीय एकता में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका पर निबंध
उत्तर – सन् 1961 में राष्ट्रीय एकता परिषद की स्थापना की गई।
उत्तर – 1928 में बारदोली आंदोलन की सफलता के बाद वहां की महिलाओं ने पटेल जी को सरदार कहकर पुकारा।
उत्तर – सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को भारत का ‘लौह पुरूष’ भी कहा जाता है।